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धातà¥à¤°à¥€ माता के लिठपोषण (Nutrition for Lactating Mother)
शिशॠके लिठमाता का दूध अमृत तà¥à¤²à¥à¤¯ है। इसे पà¥à¤°à¤•ृति ने केवल शिशॠके लिठही बनाया है। मां के दूध में सà¤à¥€ आवशà¥à¤¯à¤• पोषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µ मौजूद रहते हैं जो शिशॠकी वृदà¥à¤§à¤¿ विकास à¤à¤µà¤‚ पोषण के लिठनिहायत जरूरी होते हैं। नवजात शिशॠके लिठमाता का दूध ईशà¥à¤µà¤° का वरदान है जिसकी तà¥à¤²à¤¨à¤¾ कà¤à¥€ à¤à¥€ किसी à¤à¥€ खादà¥à¤¯ वसà¥à¤¤à¥ से नहीं की जा सकती ह
धातà¥à¤°à¥€ माता:
दूध पिलाने वाली सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ को धातà¥à¤°à¥€ माता (Lactating Mother or Nursing Mother) कहते हैं। माता का दूध हरेक शिशॠका जनà¥à¤®à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ अधिकार है। इससे शिशॠको कदापि वंचित नहीं करना चाहिà¤à¥¤ 6 माह तक तो शिशॠको अवशà¥à¤¯ ही सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना चाहिà¤à¥¤ परंतॠकई माताà¤à¤‚ अपने शिशॠको 2 से 3 वरà¥à¤· तक दà¥à¤—à¥à¤§ पान करवाती हैं, जोकि उचित नहीं है। इससे शिशॠको à¤à¥€ कोई लाठनहीं होता तथा माता का सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¤à¤° निमà¥à¤¨ होता है।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने से मां को लाठ(Advantages of Breast Feeding for Mother):
(1)सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने से मां को मानसिक संतà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ à¤à¤µà¤‚ खà¥à¤¶à¥€ मिलती है। वह शिशॠको गोद में लेकर जब सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाती है तो आनंद विà¤à¥‹à¤° हो जाती है।
(2) माता और शिशॠके बीच à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• संबंध मजबूत बनता है। माता के दिल में शिशॠके पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤¯à¤¾à¤° उमड़ता है।
(3) सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली माताà¤à¤‚ देर से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• विधि की तरह कारà¥à¤¯ करती हैं। यदि माताà¤à¤‚ लंबे समय तक शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाती है तो वे देर से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होती है।
(4) सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ अपनी पूरà¥à¤µà¤¾à¤•ृति को शीघà¥à¤°à¤¤à¤¾ से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर लेता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की पेशियों का संकà¥à¤šà¤¨ उचित ढंग से होता है।
(5) माता को शिशॠको दूध पिलाने के लिठपैसा खरà¥à¤š नहीं करना पड़ता है। अतः पैसे की बचत होती है।
(6) माता जब चाहे तब सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवा सकती है।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने से शिशॠको लाठ(Advantages of Breast Feeding for Infants)
(1) माता का दूध सà¥à¤ªà¤¾à¤šà¥à¤¯ होता है।
(2) शिशॠके जबड़ों का वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® होता है।
(3) शिशॠको संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रोग होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम होती है। अतः वृदà¥à¤§à¤¿ à¤à¤µà¤‚ विकास तेज गति से होता है।
(4)मां के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚ठके 2 दिनों में गाढ़ा पीला रंग का तरल पदारà¥à¤¥ निकलता है जिसेâ€à¤•ोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤®â€ (Colostrum) कहते हैं । इसमें खनिज लवण, वसा à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤ अधिक होता है। यह कोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® शिशॠके पोषण के लिठआवशà¥à¤¯à¤• होता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें वे सà¤à¥€ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µ उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होते हैं जो शिशॠके पोषण में सहयोग देते हैं। इतना ही नहीं यह पाचन शकà¥à¤¤à¤¿ बढ़ाता है तथा शिशॠमें रोग- रोधक कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ (Immunity Power) बढ़ाता है।
(5) माता के दूध पर चलने वाले बचà¥à¤šà¥‡ हीषà¥à¤Ÿ-पà¥à¤·à¥à¤Ÿ à¤à¤µà¤‚ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ होते हैं।
(6) सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ से शिशॠकी आंतों में à¤à¤• विशेष पà¥à¤°à¤•ार के जीवाणà¥à¤“ं की वृदà¥à¤§à¤¿ होती है, जो विटामिन | बी | का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करती हैं। यह विटामिन | बी | à¤à¥‹à¤œà¤¨ के अवशोषण में मदद करता है।
(7) शिशॠके पाचन तंतà¥à¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ही माता के दूध का संगठन होता है। पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚ठमें यह पतला होता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शिशॠका पाचन तंतà¥à¤° अपरिपकà¥à¤µ होता है। किंतॠजैसे-जैसे शिशॠशरीर की परिपकà¥à¤µà¤¤à¤¾ होते जाती है, दूध के रासायनिक संगठन à¤à¤µà¤‚ सà¥à¤µà¤°à¥‚प में परिवरà¥à¤¤à¤¨ होता जाता है।
(8) मां का दूध हर à¤à¤• मौसम में उचित तापकà¥à¤°à¤® पर उपलबà¥à¤§ होता है।
(9) माता का दूध साफ, सà¥à¤µà¤šà¥à¤›, कीटाणà¥-रोगाणॠरहित होता है। यह सà¥à¤¤à¤¨ से सीधे ही शिशॠके मà¥à¤‚ह में चला जाता है। इसलिठइसमें किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के संकà¥à¤°à¤®à¤£ की कोई संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ नहीं होती है।
(10) 6 माह तक के शिशॠके पोषण के लिठमाता का दूध परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होता है। परंतॠ6 माह के बाद केवल माता के दूध से शिशॠका पोषण नहीं हो पाता है। अतः उसे पूरक आहार (Supplementary Food) देना आवशà¥à¤¯à¤• होता है।
माता के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से दूध कम सà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होने के कारण (Reasons for Reducing Milk Output from Mother | s Breast):
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ धातà¥à¤°à¥€à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में 400-800मिली. दूध पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ सà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है। à¤à¤• सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥ माता जो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ à¤à¤µà¤‚ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ गà¥à¤°à¤¹à¤£ करती हैं उसके सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से 600-700मिली. दूध रोज सà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है। परंतॠकà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ तथा अनà¥à¤¯ कारणों से दूध कम मातà¥à¤°à¤¾ में सà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है। माता के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से कम मातà¥à¤°à¤¾ में दà¥à¤—à¥à¤§ सà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होने के मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित है।
(1) माता की उमà¥à¤° (Age of Mother):
यदि माता की उमà¥à¤° 35 वरà¥à¤· से अधिक होती है तो उसके सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से दूध कम मातà¥à¤°à¤¾ में निकलता है। इसका कारण यह हो सकता है कि उमà¥à¤° अधिक हो जाने से पेशियों का लचीलापन कम हो जाता है जिसके फलसà¥à¤µà¤°à¥‚प दà¥à¤—à¥à¤§ वाहिनी नलिकाओं (Lactial Ducts) का पूरा विकास नहीं हो पाता है।
(2) माता का सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ (Health of Mother):
यदि माता कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤¿à¤¤ होती है, रोगी, निरà¥à¤¬à¤² या अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• कमजोर होती हैं तो à¤à¥€ उसके सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से दूध की मातà¥à¤°à¤¾ कम निकलता है। कम वजन वाली (Underweight) माता के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से à¤à¥€ कम मातà¥à¤°à¤¾ में दूध निकलता है।
(3) माता की मानसिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ (Mental Status of Mother):
कई माताà¤à¤‚ à¤à¤¸à¥€ होती हैं जो अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¥à¤¨à¤¿à¤• विचारों वाली होती हैं तथा पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ से पूरी तरह पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती हैं। उनका à¤à¤¸à¤¾ मानना होता है कि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने से उनके सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ की आकृति खराब हो जाà¤à¤—ी। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शिशॠको गोद में लिटाकर दूध पिलाना पड़ेगा जिससे उनके वसà¥à¤¤à¥à¤° गंदे हो जाà¤à¤‚गे। à¤à¤¸à¥€ मानसिकता वाली महिलाओं के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से à¤à¥€ कम मातà¥à¤°à¤¾ में दूध सà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है।
(4) माता का आहार (Food of Mother):
यदि माता पूरà¥à¤£ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¤µà¤‚ संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार गà¥à¤°à¤¹à¤£ करती हैं तो उसके सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में दूध निकलता है तथा दूध की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ à¤à¥€ अचà¥à¤›à¥€ होती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उस दूध में सà¤à¥€ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µ विदà¥à¤¯à¤®à¤¾à¤¨ होते हैं। इसके ठीक विपरीत यदि माता कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤¿à¤¤ होती है, असंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ अपूरà¥à¤£ आहार गà¥à¤°à¤¹à¤£ करती है तो कम मातà¥à¤°à¤¾ में दूध सà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है। साथ ही दूध में उन पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की à¤à¥€ कमी होती है जिन पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की कमी माता के शरीर में होती है।
(5) धातà¥à¤°à¥€ अवसà¥à¤¥à¤¾ का बढ़ता समय (Increasing Period of Lactation):
शिशॠजनà¥à¤® से लेकर 6 माह तक माता के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से जो दूध निकलता है। वह शिशॠपोषण के लिठसरà¥à¤µà¤¥à¤¾ उपयà¥à¤•à¥à¤¤ होता है परंतॠइसके पशà¥à¤šà¤¾à¤¤ उसकी मातà¥à¤°à¤¾ कम होती जाती है, जिससे शिशॠका पेट नहीं à¤à¤°à¤¤à¤¾ है। यदि शिशॠको ऊपरी आहार नहीं खिलाया जाता है तो वह कमजोर हो जाता है।
माता के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से सà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ दूध की मातà¥à¤°à¤¾: (मिली.) में
अवधि
दूध की मातà¥à¤°à¤¾ (मिली) में
6 माह तक
600-700
1 वरà¥à¤· तक
500-525
डेढ़ वरà¥à¤·à¤¾ तक
350-440
2 वरà¥à¤· तक
300-400
3 वरà¥à¤· तक
250-300
ततà¥à¤ªà¤¶à¥à¤šà¤¾à¤¤ दूध का निषà¥à¤•ासन सà¥à¤µà¤¤: ही बंद हो जाता है।
(6) माता के चूचà¥à¤• का दोषपूरà¥à¤£ होना (Defect of Mother | s Nipple)
कई बार माता के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से तो दूध की मातà¥à¤°à¤¾ तो खूब सà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होते हैं परंतॠउसके चूचूक अंदर की ओर धासे होते हैं। इसलिठवह सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं करवा पाती है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में माता के सà¥à¤¤à¤¨ के ऊपर à¤à¤• कृतà¥à¤°à¤¿à¤® निपà¥à¤ªà¤² लगाई जाती है। परंतॠउससे दूध चूसने में शिशॠको काफी मेहनत करनी पड़ती है। दूध चूसने में कठिनाई होती है। परिणामत: धीरे-धीरे शिशॠका माता के दूध के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ आकरà¥à¤·à¤£ ही समापà¥à¤¤ हो जाता है।
(7) पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के अलà¥à¤ª सà¥à¤°à¤¾à¤µà¤£ से (Hypoactivity of Prolactin Hormone):
मां के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से दूध का सà¥à¤°à¤¾à¤µà¤£ अगà¥à¤° पीयूष गà¥à¤°à¤‚थि (Anterior Pituitary Gland) से निकलने वाला हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है। यदि ये हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ अलà¥à¤ª मातà¥à¤°à¤¾ में सà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होते हैं तो दूध का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ à¤à¥€ कम मातà¥à¤°à¤¾ में होता है। थाà¤à¤°à¤¾à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¨ तथा कारà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥‹à¤¨ (Cortisone) हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ से à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है।
(8) शिशॠके मà¥à¤‚ह की विकृति (Defects of Infant | s Mouth):
कई बार यह à¤à¥€ होता है कि माता के शरीर में दूध की कमी नहीं होती है। परंतॠयदि बालक शारीरिक रूप से अपरिपकà¥à¤µ, कम वजन तथा कमजोर होता है अथवा उसके मà¥à¤‚ह में किसी तरह की विकृति होती है तो वह दूध जूस नहीं पाता है, जैसे होंठकटा होना, तलà¥à¤† फटा होना, जीठका विकृत होना आदि।
(9) कामकाजी महिला (Working Women):
धातà¥à¤°à¥€ माता यदि घर से बाहर नौकरी करने या मजदूरी करने जाती है तथा शिशॠको घर पर छोड़ जाती है व 7-8 दिन के लिठघर से बाहर रहती है तब à¤à¥€ वह शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं करवा पाती है। à¤à¤¸à¥€ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¥€ दूध की मातà¥à¤°à¤¾ धीरे-धीरे कम होती जाती है।
धातà¥à¤°à¥€à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की मांग (Nutritional Requirement | s During Lactation Period):
विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन (W.H.O.) के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° धातà¥à¤°à¥€ माता के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से 850 ml तक दूध का सà¥à¤°à¤¾à¤µà¤£ होना चाहिà¤à¥¤ इससे 600 k.cal ऊरà¥à¤œà¤¾, 10.2 gm पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨,.25-3.1 mg लोहा, 290 mg कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, 22-44 mg विटामिन सी, 420 microg. विटामिन à¤, 1.2 mg. थायमिन,.52 mg. राइबोफà¥à¤²à¥‡à¤µà¤¿à¤¨,1.6 mg. नियासिन,9.0 माइकà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® फोलिक अमà¥à¤² तथा.2 माइकà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® विटामिन बी12 पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होता है। अतः धातà¥à¤°à¥€ माता को अधिक पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की जरूरत होती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उपरोकà¥à¤¤ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µ माता के दूध से ही पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होती है।
तालिका:
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¤¾ अनà¥à¤¸à¤‚धान परिषद दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ धातà¥à¤°à¥€ माता के लिठदैनिक पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की मातà¥à¤°à¤¾,ICMR. 1993
(Table: Daily Recommended Allowances for Lactating mother, ICMR. 1993)
पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µ
कम कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤²
0-6 माह
6-12 माह
कैलोरी (k. cal.)
7875+550
1875+400
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ (gm)
50+25
50+18
वसा (gm)
45
45
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® (gm)
1
1
लोहा (mg)
30
30
विटामिन à¤
β कैरोटीन (µg)
3800
3800
रेटिनॉल (µg)
950
950
राइबोफà¥à¤²à¥‡à¤µà¤¿à¤¨ (mg)
1.1+.3
1.1+.2
थायमिन (mg)
.9+.3
.9+.2
नियासिन (mg)
12+4
12+3
फोलिक अमà¥à¤² (µg)
150
150
विटामिन b12 (µg)
1.5
1.5
विटामिन सी (mg)
80
80
पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µ
माधà¥à¤¯à¤® कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤²
0-6 माह
6-12 माह
कैलोरी (k. cal.)
2225+550
222+400
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ (gm)
50+25
50+18
वसा (gm)
45
45
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® (gm)
1
1
लोहा (mg)
30
30
विटामिन à¤
β कैरोटीन (µg)
3800
3800
रेटिनॉल (µg)
950
950
राइबोफà¥à¤²à¥‡à¤µà¤¿à¤¨ (mg)
1.3+.3
1.3+.2
थायमिन (mg)
1.1+.3
1.1+.2
नियासिन (mg)
14+4
14+3
फोलिक अमà¥à¤² (µg)
150
150
विटामिन
b12 (µg)
1.5
1.5
विटामिन सी (mg)
80
80
पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µ
अधिक कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤²
0-6 माह
6-12 माह
कैलोरी (k. cal.)
2925+550
2925+400
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ (gm)
50+25
50+18
वसा (gm)
45
45
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® (gm)
1
1
लोहा (mg)
30
30
विटामिन à¤
β कैरोटीन (µg)
3800
3800
रेटिनॉल (µg)
950
950
राइबोफà¥à¤²à¥‡à¤µà¤¿à¤¨ (mg)
1.5+.3
1.3+.2
थायमिन (mg)
1.2+.3
1.2+.2
नियासिन (mg)
16+4
16+3
फोलिक अमà¥à¤² (µg)
150
150
विटामिन b12 (µg)
1.5
1.5
विटामिन सी (mg)
80
80
ICMR के à¤à¥‹à¤œà¥à¤¯ विशेषजà¥à¤ž समिति (Nutrition Expert Committee) के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤ तथा अनà¥à¤¯ विकासशील राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‚ के धातà¥à¤°à¥€ माता के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से 600 ml दूध निकलता है जो कि विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन (WHO) के à¤à¥‹à¤œà¥à¤¯ विशेषजà¥à¤ž समिति (WHO Expert Committee) की पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में 200 ml कम है। अतः विकासशील देशों के धातà¥à¤°à¥€ माताओं के पोषण मांग को बढ़ाठजाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है, तà¤à¥€ शिशॠका पोषण उचित पà¥à¤°à¤•ार से हो सकेगा। उपरोकà¥à¤¤ तालिका में धातà¥à¤°à¥€ माता की पोषण मांगों को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¯à¤¾ गया है।
कैलोरी (Calorie):
1988 से पहले ICMR की यह मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ थी कि धातà¥à¤°à¥€à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में धातà¥à¤°à¥€ माता को पà¥à¤°à¤¥à¤® 0-6 माह तक 1000 कैलोरी की अतिरिकà¥à¤¤ आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। परंतॠ1989 में ICMR के à¤à¥‹à¤œà¥à¤¯ विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ ने इसमें सà¥à¤§à¤¾à¤° किया तथा यह पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ की की पà¥à¤°à¤¥à¤® 6 माह तक धातà¥à¤°à¥€ माता को साधारण सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ से 550किलोकैलोरी तथा 7-12 माह तक 400किलोकैलोरी ऊरà¥à¤œà¤¾ की अतिरिकà¥à¤¤ आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। ततà¥à¤ªà¤¶à¥à¤šà¤¾à¤¤ धातà¥à¤°à¥€ माता को कोई कैलोरी की अतिरिकà¥à¤¤ मांग नहीं होती है और उसे शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराना बंद कर देना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ (Protein):
ICMR के à¤à¥‹à¤œà¥à¤¯ विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ ने 0-6 माह तक के लिठधातà¥à¤°à¥€ माता के लिठसाधारण सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ की अपेकà¥à¤·à¤¾ 25 गà¥à¤°à¤¾à¤® तथा 7-12 माह तक के लिठ18 गà¥à¤°à¤¾à¤® अतिरिकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ की है। पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¿à¤œ à¤à¥‹à¤œà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जैसे दूध, अंडा, मांस, मछली पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के उतà¥à¤¤à¤® साधन है तथा इनसे उचà¥à¤š कोटि का पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होता है। अतः इसका सेवन किया जाना चाहिà¤à¥¤ सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की दालें, सोयाबीन पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है । अतः à¤à¥‹à¤œà¤¨ में इनका उपयोग अवशà¥à¤¯ किया जाना चाहिà¤à¥¤
लोहा(Iron):
माता के दूध में .03-.36 mg/ 100 ml लोहा उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ रहता है। 850 ml दूध में .25 mg से 3.1 mg लोहा उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ रहता है।
मां का दूध लोहा पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ का निकृषà¥à¤Ÿ साधन है इसलिठइसकी मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ाठजाने की कोई आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं है ICMR 1998 में लौह लवण बढ़ाठजाने की कोई सिफारिश नहीं की है। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लोहा साधारण सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ इतना ही चाहिà¤à¥¤
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® (Calcium):
850 ml दूध से 290 mg कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होती है। दूध में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की यह मातà¥à¤°à¤¾ माता के शरीर से ही पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होती हैं। अतः माता के आहार में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होनी चाहिà¤à¥¤
FAO / WHO के à¤à¥‹à¤œà¥à¤¯ विशेषजà¥à¤ž समिति ने धातà¥à¤°à¥€ माता के लिठ500 से 600 mg अतिरिकà¥à¤¤ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ की है।
ICMR के à¤à¥‹à¤œà¥à¤¯ विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ ने 600 mg पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ अतिरिकà¥à¤¤ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की अनà¥à¤¶à¤‚सा की है।
विटामिन | ठ| (Vitamin | A | ):
WHO के पोषण विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, धातà¥à¤°à¥€ माता के 850 ml दूध से 420 माइकà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® विटामिन | ठ| की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होती है। अतः माता के à¤à¥‹à¤œà¤¨ में विटामिन | ठ| की मातà¥à¤°à¤¾ 450 माइकà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® बढ़ाई जानी चाहिà¤à¥¤
ICMR के à¤à¥‹à¤œà¥à¤¯ विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ ने साधारण सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ की अपेकà¥à¤·à¤¾ धातà¥à¤°à¥€ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ के लिठ350 µg अतिरिकà¥à¤¤ विटामिन | ठ| तथा 1400 µg अतिरिकà¥à¤¤ β कैरोटीन की पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ की है।
राइबोफà¥à¤²à¥ˆà¤µà¤¿à¤¨ (Riboflavin):
850 ml मां के दूध से.32 mg राइबोफà¥à¤²à¥ˆà¤µà¤¿à¤¨ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होती है। इसलिठमाता के आहार में राइबोफà¥à¤²à¥ˆà¤µà¤¿à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ाई जानी चाहिठताकि इसकी पूरà¥à¤¤à¤¿ हो सके। ICMR के à¤à¥‹à¤œà¥à¤¯ विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ ने 0 से 6 माह तक के धातà¥à¤°à¥€à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लिठ.3 mg तथा 7-12 माह तक के लिठ.2 mg राइबोफà¥à¤²à¥ˆà¤µà¤¿à¤¨ की दैनिक मांग की पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ की है।
थायमिन (Thiamine):
FAO/WHO के à¤à¥‹à¤œ विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पà¥à¤°à¤¤à¤¿ 1000 k.cal के लिà¤.4 mg थायमिन की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। चूंकि धातà¥à¤°à¥€à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कैलोरी मांग लगà¤à¤— 1000 cal बढ़ जाती है। अतः .4 mg अतिरिकà¥à¤¤ थायमिन की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
ICMR के à¤à¥‹à¤œà¥à¤¯ विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ ने 1989 में 0-6 माह तक के लिठधातà¥à¤°à¥€ माता के लिठ+.3 mg अतिरिकà¥à¤¤ थायमिन की तथा 7-12 माह तक के लिठ+.2 mg अतिरिकà¥à¤¤ थायमिन की आवशà¥à¤¯à¤•ता बतायी है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि 6 माह में धातà¥à¤°à¥€ माता की कैलोरी मांग 550 कैलोरी तथा 7-12 माह में 400कैलोरी बढ़ जाती है। इसलिठथायमीन की आवशà¥à¤¯à¤•ता इसी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बढ़नी चाहिà¤à¥¤
नियासिन (Niacin):
FAO/WHO के à¤à¥‹à¤œà¥à¤¯ विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° 6.6 mg/100 k.cal के लिठनियासिन की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। इसलिठआहार में नियासिन की मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ बढ़ाई जानी चाहिà¤à¥¤
ICMR के à¤à¥‹à¤œà¥à¤¯ विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ ने 1993 में 0-6 माह तक दूध पिलाने वाली माता के लिठसाधारण सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ की अपेकà¥à¤·à¤¾ 4 mg तथा 7-12माह के लिठ3 mg अतिरिकà¥à¤¤ नियासिन की पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ की है।
फोलिक अमà¥à¤² (Folic Acid):
विकासशील देश की धातà¥à¤°à¥€ माताओं के शरीर में फोलिक अमà¥à¤² की काफी कमी होती है। अतः यह कमी माता के दूध में à¤à¥€ हो सकती हैं। फोलिक अमà¥à¤² के अà¤à¤¾à¤µ से रकà¥à¤¤ अलà¥à¤ªà¤¤à¤¾ (Anemia) रोग हो जाता है।
ICMR के à¤à¥‹à¤œà¥à¤¯ विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ ने 1993 में साधारण सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ की अपेकà¥à¤·à¤¾ धातà¥à¤°à¥€ माता को 50 µg अतिरिकà¥à¤¤ फोलिक अमà¥à¤² की पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ की है।
विटामिन | बी 12′ (Vitamin | B 12 | ):
परà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤¸ रकà¥à¤¤à¤…लà¥à¤ªà¤¤à¤¾ (Pernicious Anemia) से बचाव के लिठमाता के आहार में विटामिन | बी12′ होना अतà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¶à¥à¤¯à¤• है।
WHO के à¤à¥‹à¤œà¥à¤¯ विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° 850 ml माता के दूध में .2 µg विटामिन | B 12 | उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ रहता है। दूध में विटामिन | B 12 | माता के शरीर से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होता है। NRC, USA के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° धातà¥à¤°à¥€ माता के आहार में 1.0 µg अतिरिकà¥à¤¤ विटामिन | बी12′ होना चाहिà¤à¥¤
ICMR के à¤à¥‹à¤œà¥à¤¯ विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के .5 µg अतिरिकà¥à¤¤ विटामिन | बी12′ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
विटामिन | सी | (Vitamin | C | Ascorbic Acid):
WHO के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° माता के 850 ml दूध में 22 से 44 mg विटामिन | सी | उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ रहता है। इसलिठमाता के आहार में इसकी मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ाई जानी चाहिà¤à¥¤
ICMR के à¤à¥‹à¤œà¥à¤¯ विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ धातà¥à¤°à¥€ माता के आहार में 40 mg तक विटामिन की आवशà¥à¤¯à¤•ता होने चाहिà¤à¥¤ इसलिठइनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने (ICMR) 40 mg अतिरिकà¥à¤¤ विटामिन | सी | की पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ की है।
धातà¥à¤°à¥€ माता के लिठ1 दिन का संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार- उचà¥à¤š दामों पर, माधà¥à¤¯à¤® दामों पर तथा कम दामों पर निमà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ किया गया है।
इसे मातà¥à¤° à¤à¤• नमूना समà¤à¤¾ जाना चाहिà¤à¥¤
निमà¥à¤¨ आय वरà¥à¤— की धातà¥à¤°à¥€ माता के लिठ1 दिन की आहार तालिका
(One Day Diet Plan for a Lactating Mother: Low Income Group)
समय
आहार
मातà¥à¤°à¤¾
सà¥à¤¬à¤¹ 6:00 बजे
चाय (कम दूध वाली तथा गà¥à¤¡ डालकर)
मठरी
1 कप
2
नाशà¥à¤¤à¤¾ 8.30 बजे
पालक मिला हà¥à¤† रोटी,
दही, (गà¥à¤¡ डाल कर)
धनिया पतà¥à¤¤à¥€ की चटनी
2
1 कटोरी
1 चमà¥à¤®à¤š
11:00 बजे
मौसम की सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सूप
1 छोटा गिलास
दोपहर का खाना 1.30 बजे
दाल (मूंग),
चावल
मौसम की सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सलाद
रोटी
à¤à¤¿à¤‚डी की सूखी सबà¥à¤œà¥€
रायता (दही, पà¥à¤¯à¤¾à¤œ डालकर)
1 कटोरी
1 पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ
1 पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ
2-3
1 कटोरी
1 कटोरी
शाम की चाय 4.30 बजे
चाय (गà¥à¤¡ वाली)
à¤à¥à¤¨à¤¾ चना या मूंगफली
1 कप
50 गà¥à¤°à¤¾à¤®
रातà¥à¤°à¤¿ का à¤à¥‹à¤œà¤¨ 8.30 बजे
रोटी
आलो, टमाटर की रसेदार सबà¥à¤œà¥€
टमाटर, पà¥à¤¯à¤¾à¤œ का सलाद
3-4
1 कटोरी
1 पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ
सोते समय
दà¥à¤§
1 कप
मधà¥à¤¯à¤® आय वरà¥à¤— की धातà¥à¤°à¥€ माता के लिठ1 दिन की आहार तालिका
(One Day Diet Plan for Lactating Mother: Middle Income Group)
समय
आहार
मातà¥à¤°à¤¾
सà¥à¤¬à¤¹ 6:00 बजे
दूध
1 गिलास
नाशà¥à¤¤à¤¾ 8.30 बजे
आलू के पराठे
टमाटर की चटनी
दही (शकà¥à¤•र के साथ)
चाय
2
2 बड़े चमà¥à¤®à¤š
1 कटोरी
1 कप
11:00 बजे
टमाटर, पालक का सूप
1 कप
दोपहर का खाना 1.30 बजे
रोटी
चावल
आलू मेथी की सूखी सबà¥à¤œà¥€
अरहर की दाल
गोà¤à¥€, टमाटर की रसेदार सबà¥à¤œà¥€
खीर
मौसम की सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सलाद
पापड़
कसà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¡
2-3
1 पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ
1 कटोरी
1 कटोरी
1 कटोरी
1 कटोरी
1 पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ
1 पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ
1
1 कटोरी
शाम की चाय 4.30 बजे
आमलेट
काफी
1 अंडे का
1कप
रातà¥à¤°à¤¿ का à¤à¥‹à¤œà¤¨ 9.00 बजे
रोटी
मटर पनीर की सबà¥à¤œà¥€ (रसेदार)
बैगन, आलू, टमाटर की सूखी सबà¥à¤œà¥€
सलाद
पापड़
खीर (चावल की)
2-3
1 कटोरी
1 कटोरी
1 पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ
1
1 कटोरी
सोते समय
दूध
1 गिलास
उचà¥à¤š आय वरà¥à¤— की धातà¥à¤°à¥€ माता के लिठ1 दिन की आहार तालिका
(One Day Diet Plan for a Lactating Mother: High Income Group)
समय
आहार
मातà¥à¤°à¤¾
सà¥à¤¬à¤¹ 6:00 बजे
दूध किशमिश डालकर
1 गिलास
नाशà¥à¤¤à¤¾ 9.00 बजे
आलू पनीर पराठा
दही
अंडा
सेव
2
1 कटोरी
1
1
11:00 बजे
फलों का रस
1 गिलास
दोपहर का खाना 1.30 बजे
रोटी
चावल
मखनिया दाल
मटन करी (सामिष के लिà¤)
सलाद
2-3
1/2 पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ
1 कटोरी
1 कटोरी
1 पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ
निरामिष के लिà¤
मलाई का कोफà¥à¤¤à¤¾
आलू गोà¤à¥€ मटर
गाजर की सूखी सबà¥à¤œà¥€
मखाने की खीर
पापड़
1 कटोरी
1 कटोरी
1 कटोरी
1
शाम की चाय 4.30 बजे
à¤à¥à¤¨à¤¾ हà¥à¤† काजू
कॉफी
केला
50 गà¥à¤°à¤¾à¤®
1 कप
1
रातà¥à¤°à¤¿ का à¤à¥‹à¤œà¤¨ 9.00 बजे
रोटी
पालक, पनीर
à¤à¤¿à¤‚डी की सूखी सबà¥à¤œà¥€
सलाद
चटनी
पापड़
काजू कतली
2-3
1 कटोरी
1 कटोरी
1 पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ
1 चमà¥à¤®à¤š
1
2 पीस
सोते समय
दूध
1 गिलास
धातà¥à¤°à¥€ माता के लिठआहार नियोजन करते समय धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने योगà¥à¤¯ बातें-
(1) दूध, अंडा, मांस, मछली आदि à¤à¥‹à¤œà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होनी चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनमें उतà¥à¤¤à¤® पà¥à¤°à¤•ार का पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ मिलता है। आरà¥à¤¥à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखा जाना चाहिà¤à¥¤
(2) फलों का रस, सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सूप, छाछ à¤à¤µà¤‚ तरल à¤à¥‹à¤œà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होनी चाहिà¤à¥¤ धातà¥à¤°à¥€ माता को अधिक जल पीना चाहिà¤à¥¤
(3) दाल की मातà¥à¤°à¤¾ आहार में बढ़ा दी जानी चाहिà¤à¥¤
(4) अनाज की मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ बढ़ायी जानी चाहिà¤à¥¤
(5) अधिक मिरà¥à¤š- मसालेदार à¤à¥‹à¤œà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ नहीं खाना चाहिà¤à¥¤
(6) गरिषà¥à¤ , तला-à¤à¥‚ना à¤à¤µà¤‚ बासी à¤à¥‹à¤œà¤¨ से परहेज करना चाहिà¤à¥¤
(7) कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठदूध à¤à¤µà¤‚ दूध से बने वà¥à¤¯à¤‚जनों को समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ किया जाना चाहिà¤à¥¤
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